कविताओं का संग्रह

सह्राए-ग़ुर्बत का नग़मा

कहता है वादी-ए-इश्क़ में...

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विरह का अनुगान

प्रेम की घाटी में ...

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"तिफ़्ली (बचपन ) का अफ़साना"

न जाने कौन माने कि...

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"मेरी मोहब्बत"

तेरी दीद से दिल में ...

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आओ तुम्हें याद दिलाऊँ

आओ तुम्हें याद दिलाऊँ...

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"स्मृतियों के साए"

संग्रहित न कर सके...

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